बहुमंज़िला खेत · प्रोटोकॉल और पानी
श्री मंत्र के जड़, पत्ता, मिट्टी और पानी इनपुट चार चरणों में आप तक पहुँचते हैं, मंज़िलों के समय और आपके सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार।
चार चरण
आपको पूरे मौसम का स्टॉक नहीं रखना पड़ता। खुराक आपके सॉइल हेल्थ कार्ड और केंद्र के कृषि विशेषज्ञ तय करते हैं, डीलर नहीं।
रोपाई से पहले
केंद्र पर मिट्टी जाँच। बेड बनाएँ, कम्पोस्ट और नीम खली डालें, बेड में बायोचार++। ड्रिप बिछाएँ और खंभे खड़े करें।
दिन 0–45
उपचारित कंद बीज और ऊपरी मंज़िल के पौधे लगाएँ, खंभों पर करेला और धनिया बोएँ। जड़ों में ड्रेंच, फिर मोटी पुआल की मल्चिंग।
दिन 45–120
बेलें तार पर चढ़ाएँ, 25–40% छाया के लिए छाँटें, मंज़िल के अनुसार फर्टिगेशन, पत्तों पर छिड़काव, लगभग 45 और 90 दिन पर कंदों पर मिट्टी चढ़ाएँ।
दिन 120 से
फल और कंद भराव के लिए पोटाश और कैल्शियम। कंद खोदने से 3–4 हफ़्ते पहले पानी बंद। हर 2–3 दिन में तुड़ाई, संग्रह स्थान पर ग्रेडिंग।
जड़ · पत्ता · मिट्टी · पानी
रोपाई के समय और चरण 2–3 में जैविक जड़ इनपुट। कंद और पेड़ की जड़ें मज़बूत करते हैं।
चरण 3 में बेलों और पत्तों के लिए छिड़काव, हल्का ताकि छाया सही रहे।
चरण 1 में बेड में बायोचार++। चारों मंज़िलों के लिए पानी और पोषक तत्व थामे रखता है।
ड्रिप लाइन से पानी का संस्कार। एक लाइन हर मंज़िल को।
पानी
ड्रिप, मल्च और ऊँचे बेड पत्ते और फल सूखे रखते हैं, जिससे रोग घटते हैं। बाढ़-सिंचाई की तुलना में ड्रिप आमतौर पर 30–50% पानी बचाती है।
| चरण | ड्रिप की लय | क्यों |
|---|---|---|
| जमाव | बेड नम रखने के लिए थोड़ा-थोड़ा, बार-बार | बीज, पौधों और कंद की कलियों को लगातार नमी चाहिए, बाढ़ नहीं |
| बढ़वार | मिट्टी की नमी के अनुसार हर 1–2 दिन; हर मंज़िल को अलग दिन फर्टिगेशन | मंज़िलें अलग गहराई से पोषण लेती हैं, इसलिए अलग समय पर दें |
| भराव | लगातार नमी; फल और कंद भराव के समय सूखा-तनाव टालें | यहाँ सूखा पड़ने पर पैदावार और गुणवत्ता घटती है |
| कंद कटाई से पहले | खुदाई से 3–4 हफ़्ते पहले बंद | पत्ते सूखते हैं, कंद कड़े होते हैं और ज़्यादा टिकते हैं |
जोखिम कवच
फ़सल और परिवार बीमा साझेदारों के साथ अंतिम किया जा रहा है। तब तक कैलकुलेटर की सतर्क स्थिति मानकर चलें।
| जोखिम | कहाँ | कवच |
|---|---|---|
| कंद सड़न | मंज़िल 1 | बेड 20–25 सेमी ऊँचे, खुली नालियाँ, उपचारित कंद बीज, ट्राइकोडर्मा, पानी न रुकने देना और हर साल कंद बेड के दूसरी ओर। |
| पपीता रिंगस्पॉट वायरस, माहू, सफ़ेद मक्खी | मंज़िल 3 और 4 | सहजन डिफ़ॉल्ट ऊपरी मंज़िल है। पपीते के लिए: सहनशील हाइब्रिड, बीमार पौधे जल्दी हटाएँ, प्रति एकड़ 4–5 पीले चिपचिपे जाल, ऊँची मक्का/ज्वार की मेड़, और पपीते के पास करेला केवल केंद्र की सहमति से। |
| करेले पर फल-मक्खी और फफूँद | मंज़िल 3 | फेरोमोन जाल, समय पर तुड़ाई, मल्च और ड्रिप से पत्ते सूखे, रोगी पत्ते हटाएँ। |
| हवा से नुक़सान | मंज़िल 4 | तने खंभे से ढीले बाँधें, सहजन 8–10 फ़ुट पर छाँटें, हवा की ओर मेड़ फ़सल। |
| पत्तेदार सब्ज़ी की बाढ़ या कमी | मंज़िल 2 | हर 10 दिन में छोटे हिस्सों में बोएँ। बुक की सूची से ज़्यादा माल आप कहीं भी बेच सकते हैं। |
| मज़दूरी का दबाव | सभी मंज़िलें | हर 2–3 दिन तुड़ाई के लिए परिवार के दो सदस्य; कंद खुदाई पर मज़दूर। |
आपका केंद्र कृषि विशेषज्ञ
खेत दौरा: वायरस-कीट जाँच, बेल मोड़ना, मंज़िल के अनुसार अगली खुराक।
नया सॉइल हेल्थ कार्ड, ताकि अगले मौसम के इनपुट मिट्टी की स्थिति के अनुसार हों।
पत्ते या फल की फ़ोटो भेजें, हमारे कृषि विशेषज्ञ जवाब देते हैं।