PREVIEW — internal stakeholder review only · not for public circulation

बहुमंज़िला खेत · प्रोटोकॉल और पानी

एक प्रोटोकॉल। चार चरण। हर मंज़िल को पोषण।

श्री मंत्र के जड़, पत्ता, मिट्टी और पानी इनपुट चार चरणों में आप तक पहुँचते हैं, मंज़िलों के समय और आपके सॉइल हेल्थ कार्ड के अनुसार।

4 चरणतैयारी, जमाव, बढ़वार, कटाई
1 ड्रिपचारों मंज़िलों को
हर 2 हफ़्तेकृषि विशेषज्ञ का दौरा

चार चरण

हर चरण को जब ज़रूरत हो तब इनपुट आते हैं।

आपको पूरे मौसम का स्टॉक नहीं रखना पड़ता। खुराक आपके सॉइल हेल्थ कार्ड और केंद्र के कृषि विशेषज्ञ तय करते हैं, डीलर नहीं।

  1. चरण 1

    तैयारी

    रोपाई से पहले

    केंद्र पर मिट्टी जाँच। बेड बनाएँ, कम्पोस्ट और नीम खली डालें, बेड में बायोचार++। ड्रिप बिछाएँ और खंभे खड़े करें।

  2. चरण 2

    जमाव

    दिन 0–45

    उपचारित कंद बीज और ऊपरी मंज़िल के पौधे लगाएँ, खंभों पर करेला और धनिया बोएँ। जड़ों में ड्रेंच, फिर मोटी पुआल की मल्चिंग।

  3. चरण 3

    बढ़वार

    दिन 45–120

    बेलें तार पर चढ़ाएँ, 25–40% छाया के लिए छाँटें, मंज़िल के अनुसार फर्टिगेशन, पत्तों पर छिड़काव, लगभग 45 और 90 दिन पर कंदों पर मिट्टी चढ़ाएँ।

  4. चरण 4

    भराव और कटाई

    दिन 120 से

    फल और कंद भराव के लिए पोटाश और कैल्शियम। कंद खोदने से 3–4 हफ़्ते पहले पानी बंद। हर 2–3 दिन में तुड़ाई, संग्रह स्थान पर ग्रेडिंग।

जड़ · पत्ता · मिट्टी · पानी

चार मंज़िलों पर श्री मंत्र प्रोटोकॉल।

जड़

Shri Sutra

रोपाई के समय और चरण 2–3 में जैविक जड़ इनपुट। कंद और पेड़ की जड़ें मज़बूत करते हैं।

पत्ता

Shri Yog

चरण 3 में बेलों और पत्तों के लिए छिड़काव, हल्का ताकि छाया सही रहे।

मिट्टी

Shri Sanchay

चरण 1 में बेड में बायोचार++। चारों मंज़िलों के लिए पानी और पोषक तत्व थामे रखता है।

पानी

Shri Dhara

ड्रिप लाइन से पानी का संस्कार। एक लाइन हर मंज़िल को।

पानी

एक ड्रिप लाइन, चार लय।

ड्रिप, मल्च और ऊँचे बेड पत्ते और फल सूखे रखते हैं, जिससे रोग घटते हैं। बाढ़-सिंचाई की तुलना में ड्रिप आमतौर पर 30–50% पानी बचाती है।

चरणड्रिप की लयक्यों
जमावबेड नम रखने के लिए थोड़ा-थोड़ा, बार-बारबीज, पौधों और कंद की कलियों को लगातार नमी चाहिए, बाढ़ नहीं
बढ़वारमिट्टी की नमी के अनुसार हर 1–2 दिन; हर मंज़िल को अलग दिन फर्टिगेशनमंज़िलें अलग गहराई से पोषण लेती हैं, इसलिए अलग समय पर दें
भरावलगातार नमी; फल और कंद भराव के समय सूखा-तनाव टालेंयहाँ सूखा पड़ने पर पैदावार और गुणवत्ता घटती है
कंद कटाई से पहलेखुदाई से 3–4 हफ़्ते पहले बंदपत्ते सूखते हैं, कंद कड़े होते हैं और ज़्यादा टिकते हैं

जोखिम कवच

हर जोखिम का एक ज़िम्मेदार और एक कवच है।

फ़सल और परिवार बीमा साझेदारों के साथ अंतिम किया जा रहा है। तब तक कैलकुलेटर की सतर्क स्थिति मानकर चलें।

जोखिमकहाँकवच
कंद सड़नमंज़िल 1बेड 20–25 सेमी ऊँचे, खुली नालियाँ, उपचारित कंद बीज, ट्राइकोडर्मा, पानी न रुकने देना और हर साल कंद बेड के दूसरी ओर।
पपीता रिंगस्पॉट वायरस, माहू, सफ़ेद मक्खीमंज़िल 3 और 4सहजन डिफ़ॉल्ट ऊपरी मंज़िल है। पपीते के लिए: सहनशील हाइब्रिड, बीमार पौधे जल्दी हटाएँ, प्रति एकड़ 4–5 पीले चिपचिपे जाल, ऊँची मक्का/ज्वार की मेड़, और पपीते के पास करेला केवल केंद्र की सहमति से।
करेले पर फल-मक्खी और फफूँदमंज़िल 3फेरोमोन जाल, समय पर तुड़ाई, मल्च और ड्रिप से पत्ते सूखे, रोगी पत्ते हटाएँ।
हवा से नुक़सानमंज़िल 4तने खंभे से ढीले बाँधें, सहजन 8–10 फ़ुट पर छाँटें, हवा की ओर मेड़ फ़सल।
पत्तेदार सब्ज़ी की बाढ़ या कमीमंज़िल 2हर 10 दिन में छोटे हिस्सों में बोएँ। बुक की सूची से ज़्यादा माल आप कहीं भी बेच सकते हैं।
मज़दूरी का दबावसभी मंज़िलेंहर 2–3 दिन तुड़ाई के लिए परिवार के दो सदस्य; कंद खुदाई पर मज़दूर।

आपका केंद्र कृषि विशेषज्ञ

आप अकेले नहीं हैं।

हर पखवाड़े

खेत दौरा: वायरस-कीट जाँच, बेल मोड़ना, मंज़िल के अनुसार अगली खुराक।

हर मौसम

नया सॉइल हेल्थ कार्ड, ताकि अगले मौसम के इनपुट मिट्टी की स्थिति के अनुसार हों।

किसी भी दिन WhatsApp पर

पत्ते या फल की फ़ोटो भेजें, हमारे कृषि विशेषज्ञ जवाब देते हैं।