हमारे बारे में · प्रभाव और विस्तार
भूमिसेवा और इकोसिस्टम भागीदारों के ज़रिए हरित क्रांति 2.0 पहले से देश भर के किसानों तक पहुँच रही है। अब हमारा काम इस पहुँच को मापने योग्य बदलाव में बदलना है: स्वस्थ मिट्टी, किसानों की बेहतर आय और परिवार की थाली में अवशेष-मुक्त भोजन।
हमारा विस्तार
भूमिसेवा हरित क्रांति 2.0 इकोसिस्टम का राष्ट्रीय विस्तार, 2026। इसमें भूमिसेवा और इकोसिस्टम भागीदारों के ज़रिए पहुँचे किसान शामिल हैं।
हम कहाँ काम करते हैं
पहली ज़िला भागीदार कंपनियों और अनुसंधान खेत के साथ महाराष्ट्र विस्तार में सबसे आगे है। बाक़ी राज्य ज़िला-दर-ज़िला पीछे आते हैं।
अग्रणी राज्य
पहली ज़िला भागीदार कंपनियाँ, वालकी अनुसंधान खेत, और मुंबई व पुणे में AIOCD केमिस्ट पायलट।
जो प्रभाव हम मापते हैं
चक्र के हर एकड़ का रिकॉर्ड रहता है, ताकि बदलाव का दावा नहीं, गिनती हो सके।
बुवाई से पहले मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कटाई के बाद फिर से मिट्टी परीक्षण, ताकि हर एकड़ में क्या बदला, यह दिखे।
बुवाई से पहले तय, मंडी +10% और अधिक पर वापस खरीद, साथ में गुणवत्ता बोनस और MRP में हिस्सा।
प्रमाणित जैव-इनपुट की ओर सुरक्षित बदलाव, उपज सुरक्षित रहती है और मिट्टी सुधरती है।
भूमिआहार के हर लॉट पर मृदा, रसायन और पोषण सूचकांक होता है, जिसे परिवार जाँच सकते हैं।
परिवार अपने भरोसेमंद केमिस्ट के ज़रिए भोजन पहले से बुक करते हैं, और जानते हैं कि वह किस खेत से आया।
हर केंद्र स्थानीय संचालकों, फ़ील्ड अधिकारियों और भूमिरक्षकों के साथ लगभग 300 किसानों की सेवा करता है।
बदलाव ऐसा दिखता है
तीन वर्षों में 3.9 गुना उपज, 100% जैविक उपज और मिट्टी के साथ, वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे द्वारा प्रमाणित।
प्रमाण देखेंहम कैसे बढ़ते हैं
ज़िला भागीदार कंपनी तीन केंद्रों, लगभग 900 किसानों के साथ शुरू होती है।
नामांकन, मिट्टी परीक्षण, प्रोटोकॉल आपूर्ति, संग्रह और वापस खरीद अनुशासन से चलते हैं।
और केंद्र, तालुका केंद्रों से हर ग्राम पंचायत की ओर।
वही मॉडल, नए भागीदारों द्वारा दोहराया जाता है, नए सिरे से नहीं गढ़ा जाता।
अगले क़दम
व्हॉट्सऐप पर भूमिसाथी से पूछें, या अपना नज़दीकी केंद्र खोजें — शुरुआत पहले मिट्टी परीक्षण से होती है।