PREVIEW — internal stakeholder review only · not for public circulation

किसान · हर चिंता का कवच

बीज से बिक्री तक, हर चिंता का कवच।

हम खेतों में घूमे और किसानों की बात सुनी। दुकान के काउंटर से मंडी के गेट तक, हर मौसम में किसान दर्जनों डर साथ लेकर चलता है, और ज़्यादातर का सामना अकेले करता है। भूमिसेवा हर चिंता का जवाब इकोसिस्टम के एक नामित, सक्रिय रूप से काम कर रहे हिस्से से देती है।

46किसान की चिंताएँ, बीज से बिक्री तक
10मौसम के चरण
15+कवचों के पीछे के भागीदार

चिंताओं का एक सीज़न

दस मोड़, जहाँ किसान सब कुछ गँवा सकता है।

एक चरण चुनें — उस चरण पर किसान को सताने वाली चिंताएँ, किसान के अपने शब्दों में, और हर चिंता का जवाब देने वाला भूमिसेवा कवच देखें।

01

चरण 01 · 5 चिंताओं को कवच

बीज और खाद-दवा की ख़रीद

“कहीं दुकान पर मेरे साथ धोखा तो नहीं हो रहा?”

अक्सर एक भी बीज मिट्टी में पड़ने से पहले ही सीज़न हाथ से निकल जाता है — दुकान के काउंटर पर, उधारी पर, बोरी में असल में क्या है यह जाँचने का कोई रास्ता नहीं।

चिंता

पूरा भारत · कपास, सोयाबीन, सब्ज़ियाँ

नकली या कम अंकुरण वाला बीज

“पैकेट पर अच्छा जमाव लिखा था। आधे खेत में दोबारा बुवाई करनी पड़ी।”

भूमिसेवा कवच

वार्केम का सीडसिंक

बुवाई से पहले प्रोटोकॉल के अनुसार बीज उपचार, ताकि हर बीज सुरक्षित और मज़बूत शुरुआत करे — श्री मंत्र प्रोटोकॉल मिट्टी की सतह से नहीं, बीज से शुरू होता है।

बीज उपचार · वार्केम बायोटेक

चिंता

असंगठित खाद-बीज बाज़ार

मिलावटी खाद और नकली “जैविक” गोबर खाद

“बोरी पर जैविक लिखा है। कैसे पता चले कि उसमें यूरिया या लिग्नाइट का चूरा नहीं मिला?”

भूमिसेवा कवच

श्री मंत्र एश्योरेंस किट

हर बोरी के साथ 4-इन-1 किट — शुद्धता ड्रॉपर, मिट्टी pH पट्टी, कार्बन कार्ड और QR रिकॉर्ड। घर पर ही दो मिनट में प्रमाण, लैब की ज़रूरत नहीं।

भरोसा · वार्केम बायोटेक R&D

चिंता

हर तालुका

दुकानदार के मुनाफ़े वाली सलाह

“वह वही बेचता है जिसमें उसे ज़्यादा कमाई हो, वो नहीं जो मेरी मिट्टी को चाहिए।”

भूमिसेवा कवच

भरोसेमंद गाँव का केमिस्ट + मिट्टी-आधारित प्रोटोकॉल

उस केमिस्ट के ज़रिए नामांकन जिस पर गाँव पहले से भरोसा करता है, और इनपुट आपके मृदा स्वास्थ्य कार्ड से तय होते हैं — कभी बिक्री काउंटर से नहीं। 70+ USDA-NOP, NPOP, EU और JAS कंट्रोल यूनियन प्रमाणित इनपुट, WHO-GMP मानकों के तहत निर्मित।

AIOCD ग्रामीण केमिस्ट नेटवर्क · 4 लाख+ दुकानें

चिंता

पूरे भारत में

हर सीज़न खाद-दवा का खर्च बढ़ता ही जाता है

“वही बोरी हर साल महँगी होती है। फसल का दाम वही का वही।”

भूमिसेवा कवच

श्री मंत्र प्रोटोकॉल

प्रति एकड़ एक सटीक, फसल-अनुसार प्रोटोकॉल — जड़, पत्ता, मिट्टी, पानी। अंधाधुंध खर्च नहीं, अंदाज़ेबाज़ी नहीं: खाद-दवा का खर्च 18–20% कम।

वार्केम · ऑसन · वरहाड · ऑटोफिल

चिंता

बारानी इलाके

दुकान की उधारी, छिपे ब्याज के साथ

“दुकान पर उधारी। कटाई पर भाव और ब्याज दोनों वही तय करता है।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

प्रोटोकॉल वित्त

प्रोटोकॉल का वित्त सीधे भूमिसेवा को जाता है — वित्त, अनुदान नहीं। हाथ में खुला पैसा नहीं, दुकान की उधारी नहीं, छिपा ब्याज नहीं।

प्रोटोकॉल वित्त भागीदार (बैंक / NBFC)

02

चरण 02 · 5 चिंताओं को कवच

मिट्टी और फ़सल योजना

“क्या मैं अंधेरे में खेती कर रहा हूँ?”

ज़्यादातर किसानों ने अपनी मिट्टी की असली जाँच कभी देखी ही नहीं। हर सीज़न पड़ोसी के फ़ैसले की नकल बन जाता है।

चिंता

पूरे भारत में

मिट्टी की जाँच कभी नहीं — या रिपोर्ट बुवाई के बाद आती है

“नमूना लैब गया। रिपोर्ट तब आई जब मैं बुवाई कर चुका था।”

भूमिसेवा कवच

HiMedia भू-विज़न मिट्टी परीक्षण

केंद्र पर स्वचालित, सरकार-मान्य मिट्टी परीक्षण। लगभग 45 मिनट में ICAR-मान्यता प्राप्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड — एक रुपया भी ख़र्च करने से पहले।

HiMedia · GOI मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल

चिंता

पंजाब · हरियाणा · धान–गेहूँ

आदत से अंधाधुंध यूरिया और डीएपी

“सब दो बोरी यूरिया डालते हैं, तो मैं भी डालता हूँ।”

भूमिसेवा कवच

मिट्टी पर आधारित सिफ़ारिश

400+ फसल प्रोटोकॉल, हर खेत के हिसाब से तय। रासायनिक-और-जैविक मिश्रण — मिट्टी सुधरती रहे और उपज सुरक्षित रहे।

भूमिसेवा उत्कृष्टता केंद्र

चिंता

गन्ना पट्टियाँ · सघन सिंचित क्षेत्र

मरी हुई, सख़्त मिट्टी — जैविक कार्बन ख़त्म

“मिट्टी पत्थर जैसी हो गई है। केंचुए ग़ायब हो गए।”

भूमिसेवा कवच

श्री संचय × वरहाड

मिट्टी का जैविक कार्बन और जैविक पदार्थ फिर से बनाने वाला हमारा अपना Biochar++ — हर आने वाली फ़सल की जीवित नींव।

वरहाड समूह

चिंता

नहर क्षेत्र · राजस्थान · पूर्वोत्तर पहाड़ी क्षेत्र

खारी, क्षारीय या अम्लीय मिट्टी

“पानी ऊपर ही भरा रहता है। सफ़ेद धब्बों में कुछ नहीं उगता।”

भूमिसेवा कवच

मृदा कार्ड + सुधार प्रोटोकॉल

कार्ड pH और खारापन बताता है; प्रोटोकॉल जैविक उत्पादों और मृदा सुधारकों से इसे ठीक करता है, और एश्योरेंस किट की pH पट्टी हर सीज़न इस पर नज़र रखती है।

भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र प्रयोगशालाएँ · वार्केम बायोटेक

चिंता

प्याज़, टमाटर, मिर्च क्षेत्र

सुनी-सुनाई बातों पर फसल चुनना

“पिछले साल प्याज़ में फ़ायदा हुआ, तो पूरे गाँव ने प्याज़ बो दिया। भाव धड़ाम हो गया।”

भूमिसेवा कवच

भूमिसाथी फसल चयन + पहले से बुक माँग

आपकी मिट्टी रिपोर्ट, आपके क्षेत्र और बाज़ार के असली संकेत के आधार पर फसल और प्रोटोकॉल चुने जाते हैं — बुवाई से पहले ही परिवार उपज बुक कर लेते हैं, इसलिए कुछ भी अंदाज़े पर नहीं उगाया जाता।

भूमिसाथी · AIOCD शहरी केमिस्ट

03

चरण 03 · 4 चिंताओं को कवच

सीज़न से पहले पैसा

“पैसा कहाँ से आएगा — और किस क़ीमत पर?”

खेती की ज़्यादातर मुसीबत कर्ज़ से शुरू होती है। गलत कर्ज़ एक बुरे सीज़न को दस बुरे सालों में बदल देता है।

चिंता

मराठवाड़ा · विदर्भ · बुंदेलखंड

साहूकार का कमर तोड़ ब्याज

“बीज के लिए एक कर्ज़ लिया। सिर्फ़ ब्याज चुकाने में तीन साल लग गए।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

प्रोटोकॉल वित्त

बैंक / NBFC से पूरे प्रोटोकॉल मूल्य के लिए व्यवस्थित ऋण, लगभग ₹35,000 प्रति एकड़।

प्रोटोकॉल वित्त भागीदार

चिंता

छोटी और सीमांत जोत

बैंक की सीमा कम, काग़ज़ी काम ज़्यादा

“बैंक को काग़ज़, गिरवी और तीन चक्कर चाहिए। मौसम थोड़े ही रुकेगा।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

व्यवस्थित कृषि वित्त

प्रोटोकॉल और पक्की वापस खरीद ही ज़मानत बनती है। कर्ज़ देने से पहले माँग जाँची जाती है — इसलिए बैंक अंदाज़े को नहीं, एक व्यवस्था को हाँ कहता है।

भूमिसेवा · NBFC भागीदार

चिंता

हर गाँव

कर्ज़ का पैसा दूसरी ज़रूरतों में खर्च हो जाता है

“कर्ज़ नक़द हाथ में आया। आधा इधर-उधर ख़र्च हो गया — फिर फसल भूखी रह गई।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

सीधा भुगतान

पैसा सीधे प्रोटोकॉल की खाद-दवा में ही जाता है। खेत को वही मिलता है जो चाहिए, ठीक तब जब चाहिए।

प्रोटोकॉल वित्त भागीदार

चिंता

पूरे भारत में

कटाई के समय कर्ज़ चुकाने का डर

“भाव गिर गया तो कर्ज़ चुकाऊँगा कैसे?”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

कर्ज़ अपने-आप चुकता

भुगतान सीधे वापस खरीद से — खेत पर ही कटौती, अपने आप जमा, और शुद्ध आय सीधे किसान के हाथ में।

भूमिआहार · NBFC भागीदार

04

चरण 04 · 5 चिंताओं को कवच

बुवाई और पौध जमाव

“फसल खड़ी भी रहेगी क्या?”

पहले 30 दिन पूरा सीज़न तय करते हैं। यहाँ कमज़ोर जड़ें, ख़राब पानी और मार्गदर्शन की कमी बाद में ठीक नहीं हो सकती।

चिंता

भारी बारिश और काली मिट्टी वाले क्षेत्र

पौध सड़न और कमज़ोर जड़ें

“पहले दो हफ़्तों में ही आधे पौधे पीले पड़कर मर गए।”

भूमिसेवा कवच

श्री सूत्र × वार्केम

पहले दिन से जड़ों की सेहत बनाने वाले जैव इनपुट — 50 साल के वैज्ञानिक नेतृत्व और पूरे प्रोटोकॉल सुधार का आधार।

वार्केम बायोटेक

चिंता

बोरवेल क्षेत्र · राजस्थान · तमिलनाडु · मराठवाडा

भारी या खारा सिंचाई का पानी

“बोरवेल के पानी से ज़मीन पर सफ़ेद परत जम जाती है।”

भूमिसेवा कवच

श्री धारा × ऑटोफिल

10+ वर्षों से प्रमाणित जल-सुधार तकनीक, बुवाई के समय ही जाँची हुई।

ऑटोफिल

चिंता

पूरे भारत में

नया तरीका सिखाने वाला कोई नहीं

“सब कहते हैं ‘जैविक अपनाओ’। पर कैसे, ये कोई नहीं दिखाता।”

भूमिसेवा कवच

इमारा प्रशिक्षण

किसानों और फील्ड टीमों के लिए श्री मंत्र प्रोटोकॉल पर खेत में ही प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण।

इमारा · प्रशिक्षण भागीदार

चिंता

हर गाँव

खरीद के बाद अकेला छोड़ दिया जाना

“माल बिकने के बाद कंपनी का कोई दोबारा झाँकने नहीं आता।”

भूमिसेवा कवच

भूमिरक्षक + भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र

आपके क्लस्टर के लिए नियुक्त भूमिरक्षक खेत-प्रमुख, और सभी 300 किसानों को पूरे सीज़न आमने-सामने मार्गदर्शन देने वाला भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र।

भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र · भूमिरक्षक

चिंता

पंजाब · केरल · पश्चिमी महाराष्ट्र

मज़दूरों की कमी और महँगा छिड़काव

“छिड़काव के समय मज़दूर नहीं मिलते — और आते हैं तो दुगनी मज़दूरी माँगते हैं।”

भूमिसेवा कवच

ड्रोन छिड़काव और निगरानी

पूरे प्रोटोकॉल में ड्रोन से छिड़काव और फसल की निगरानी — तेज़, एक समान, और किसान छिड़काव से दूर सुरक्षित।

लेसोको · ड्रोन भागीदार

05

चरण 05 · 5 चिंताओं को कवच

खेती और पोषण

“क्या मेरी फसल भूखी है — और मुझे दिख ही नहीं रहा?”

पत्ते पर कमी दिखने तक उपज पहले ही जा चुकी होती है। अंदाज़े से खाद ज़्यादा पड़ती है; ज़्यादा खाद से अवशेष रह जाते हैं।

चिंता

पूरे भारत में

कमी देर से पता चलती है

“पत्ते पीले पड़ने तक नुकसान हो चुका था।”

भूमिसेवा कवच

मध्य-सीज़न पत्ती विश्लेषण

फूल आने की अवस्था से पहले पत्तियों के नमूने लेकर विश्लेषण। अगली खुराक अंदाज़ से नहीं, समय पर आई पत्ती रिपोर्ट से तय होती है।

भूमिरक्षक · वार्केम बायोटेक

चिंता

ज़्यादा लागत वाले सब्ज़ी और कपास क्षेत्र

‘सुरक्षा के लिए’ रसायनों की ज़्यादा खुराक

“कहीं कुछ हो न जाए, इसलिए एक छिड़काव ज़्यादा कर देता हूँ। हर बार जेब पर भारी पड़ता है।”

भूमिसेवा कवच

प्रोटोकॉल सुधार

खाद-दवा में बदलाव सिर्फ़ पत्ती रिपोर्ट और खेत के निरीक्षण के आधार पर — पैदावार को जोखिम में डाले बिना, अवशेष-मुक्त भोजन की ओर।

फसल प्रोटोकॉल टीम · वार्केम

चिंता

सोयाबीन · धान · गन्ना इलाके

उपज साल-दर-साल अटकी हुई या घटती हुई

“वही मेहनत, वही बीज — फिर भी हर साल कम।”

भूमिसेवा कवच

श्री योग × ऑसन

पत्तियों के ज़रिए CO₂ अवशोषण बढ़ाने वाली, 10+ वर्षों से प्रमाणित तकनीक। पूरे प्रोटोकॉल में: 30% तक ज़्यादा उपज।

ऑसन लैबोरेटरीज़

चिंता

दूरदराज़ और आदिवासी ब्लॉक

खेत पर कोई झाँकने भी नहीं आता

“सलाह फ़ोन पर आती है। सालों से किसी ने मेरे खेत में पैर नहीं रखा।”

भूमिसेवा कवच

साप्ताहिक खेत निगरानी

तय खेत-दौरे और अनुपालन जाँच; गड़बड़ी जल्दी पकड़कर किसान के साथ सीधे सुधार, केंद्र पर कृषि विशेषज्ञ और AI की मदद — साथ में 24×7 सहायता के लिए भूमिसाथी व्हाट्सऐप AI चैटबॉट।

भूमिरक्षक · भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र

चिंता

पूरे भारत में

अच्छी खेती, पर कोई भरोसा नहीं करता

“मैं ईमानदारी से खेती करता हूँ। फिर भी व्यापारी मुझे सबके बराबर ही दाम देता है।”

भूमिसेवा कवच

सीज़न अनुपालन दस्तावेज़

आपके खेत का मृदा सूचकांक, प्रोटोकॉल अनुपालन और पत्ती विश्लेषण हर सीज़न दर्ज होता है — आपका प्रमाण, एक QR पर।

भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र प्रयोगशालाएँ

06

चरण 06 · 4 चिंताओं को कवच

कीट, रोग और मौसम

“एक तूफ़ान, एक कीड़ा — और सब ख़त्म।”

मौसम किसान का सबसे बड़ा जुआ बन गया है। एक आफ़त पूरा सीज़न बहा ले जा सकती है — और कर्ज़ वहीं का वहीं रहता है।

चिंता

विदर्भ और तेलंगाना की कपास · कर्नाटक का मक्का

अचानक कीट प्रकोप

“सुंडी रातोंरात आ गई। छिड़काव करते-करते बहुत देर हो चुकी थी।”

भूमिसेवा कवच

जल्दी पहचान + मज़बूत पौधे

हर हफ़्ते खेत का दौरा और ड्रोन निगरानी से हमले जल्दी पकड़ में आते हैं; जैव-आधारित प्रोटोकॉल पौधे को ज़्यादा स्वस्थ बनाते हैं, जो तनाव को बेहतर झेलता है।

भूमिरक्षक · लेसोको · वार्केम

चिंता

पूरे भारत में

बेमौसम बारिश, ओले और सूखा

“मार्च में ओले पड़े। छह महीने की मेहनत दस मिनट में मिट्टी में मिल गई।”

भूमिसेवा कवच

जलवायु-लचीलापन बीमा

बुवाई से पहले फसल जोखिम सुरक्षा शुरू, बोए गए रकबे के लिए जारी और सीज़न के बीच समीक्षा — बजाज जनरल इंश्योरेंस की गारंटी के साथ।

DigiSafe × बजाज जनरल इंश्योरेंस

चिंता

पूरे भारत में

दावे नामंज़ूर या अटके

“प्रीमियम भरा। पर क्लेम कभी आया ही नहीं।”

भूमिसेवा कवच

दस्तावेज़ी खेत + दावे में मदद

हर नामांकित खेत का पूरे सीज़न का रिकॉर्ड रहता है। सीज़न की पॉलिसियों के अनुसार दावों का आकलन और निपटारा होता है, और केंद्र आपके साथ रहता है।

DigiSafe · भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र

चिंता

बारानी दक्कन · राजस्थान

सूखे दौर और पानी की कमी

“दो हफ़्ते बारिश नहीं हुई और फसल मुरझाने लगी।”

भूमिसेवा कवच

पानी रोकने वाली मिट्टी

Biochar++ मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाता है, जिससे मिट्टी ज़्यादा पानी रोककर रखती है; सुधरी सिंचाई से हर बूँद ज़्यादा काम आती है।

वरहाड · ऑटोफिल

07

चरण 07 · 5 चिंताओं को कवच

परिवार और स्वास्थ्य

“मुझे कुछ हो गया तो उनका क्या होगा?”

किसान की असली चिंता सिर्फ़ फसल नहीं होती। वह उसके पीछे खड़ा परिवार होता है — उनकी सेहत, उनकी सुरक्षा, उनका भविष्य।

चिंता

पूरे भारत में

घर के कमाने वाले का चले जाना

“मैं न रहा तो कर्ज़ रह जाएगा और मेरे परिवार के पास कुछ नहीं बचेगा।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

जीवन बीमा

पंजीकृत किसानों और उनके परिवारों के लिए जीवन बीमा सुरक्षा, सीज़न की फसल सुरक्षा के साथ-साथ।

जीवन बीमा भागीदार

चिंता

पूरे भारत में

इलाज का ऐसा संकट जो ज़मीन बिकवा दे

“अस्पताल के एक बिल में दो एकड़ ज़मीन बिक गई।”

भूमिसेवा कवचअंतिम चरण में

इंस्टा-प्रेडिक्ट निवारक स्वास्थ्य

स्मार्ट वियरेबल्स और मोबाइल ऐप के ज़रिए किसानों और उनके परिवारों में बीमारी का जल्दी अनुमान और सेहत की लगातार निगरानी के लिए प्रस्तावित पायलट।

इंस्टा-प्रेडिक्ट पायलट

चिंता

ज़्यादा छिड़काव वाले क्षेत्र

छिड़काव करते हुए ख़ुद ही ज़हर चढ़ जाए

“हर छिड़काव के बाद दो दिन सिर दुखता है।”

भूमिसेवा कवच

अवशेष-मुक्त प्रोटोकॉल

शुरू से ही कम ज़हरीले छिड़काव, और ड्रोन से छिड़काव — ताकि किसान को छिड़काव की चपेट में खड़ा न होना पड़े।

श्री मंत्र प्रोटोकॉल · लेसोको

चिंता

हर किसान घर

मेरा अपना परिवार ही केमिकल वाला खाना खा रहा है

“हम शहर के लिए उगाते हैं। वही रसायन हम ख़ुद भी खाते हैं।”

भूमिसेवा कवच

स्वस्थ भोजन, स्वस्थ परिवार

अवशेष-मुक्त, सूचकांकित भोजन — और यह सबसे पहले किसान की अपनी थाली में पहुँचता है।

हरित क्रांति 2.0

चिंता

पूरे भारत में

बच्चे खेती नहीं करना चाहते

“बेटा कहता है खेती घाटे का सौदा है। उसे शहर में नौकरी चाहिए।”

भूमिसेवा कवच

सम्मान के साथ खेती

प्रमाणित किसान पहचान, 300 किसानों का क्लब और वैज्ञानिक, मुनाफ़े वाली व्यवस्था — ऐसी खेती जिस पर अगली पीढ़ी गर्व कर सके।

भूमिसेवा 300 एकड़ क्लब

08

चरण 08 · 4 चिंताओं को कवच

कटाई और कटाई के बाद

“कटाई के दिन सब कुछ मेरे हाथ से निकल जाता है।”

पूरा गाँव एक साथ कटाई करता है। ट्रक कम पड़ते हैं, भंडारण शून्य है, और खरीदार जानता है कि किसान रुक नहीं सकता।

चिंता

प्याज़, टमाटर, आलू, धान क्षेत्र

कटाई पर माल की भरमार और औने-पौने दाम पर बिक्री

“सब एक ही हफ़्ते में कटाई करते हैं। व्यापारी जानता है कि हम रुक नहीं सकते।”

भूमिसेवा कवच

कटाई से पहले वापस खरीद की योजना

वापस खरीद की योजना कटाई शुरू होने से पहले बनती है, बाद में मोलभाव से नहीं। हर क्लस्टर के लिए संग्रह केंद्र और परिवहन मार्ग तय।

भूमिआहार

चिंता

उत्तर प्रदेश · बिहार · पूर्वी भारत

भंडारण नहीं — उसी दिन बेचना पड़ता है

“न गोदाम है, न कोल्ड स्टोर। आज ही बेचो, वरना आँखों के सामने सड़ जाएगा।”

भूमिसेवा कवच

भंडारण और परिवहन

भंडारण, परिवहन और उपभोक्ता व्यापार — दो राज्यों में पहले से सफलतापूर्वक चल रहा है।

कैश्टर

चिंता

निर्यात और प्रसंस्करण फसलें

गुणवत्ता के नाम पर माल लौटाना और ग्रेडिंग के झगड़े

“‘क्वालिटी’ के नाम पर मेरा आधा माल लौटा दिया। किसी ने वजह नहीं बताई।”

भूमिसेवा कवच

कटाई-पूर्व गुणवत्ता जाँच

कटाई से पहले खेत की अवशेष-मुक्त होने की जाँच, और किसान व गुणवत्ता प्रोत्साहन स्लैब पहले से बताए हुए — खरीद के समय कोई अचानक झटका नहीं।

भूमिसेवा + वार्केम · भूमिआहार

चिंता

पहाड़ी और आदिवासी ज़िले

दूर की मंडी तक ढुलाई

“मंडी तक ट्रक का भाड़ा मुनाफ़े से ज़्यादा पड़ता है।”

भूमिसेवा कवच

खेत पर ही वापस खरीद

उपज खेत पर ही वापस खरीदी जाती है — बाज़ार क्लस्टर तक आता है, किसान को बाज़ार नहीं भागना पड़ता।

भूमिआहार

09

चरण 09 · 5 चिंताओं को कवच

बाज़ार और भुगतान

“उगाता मैं हूँ। उसका दाम कोई और तय करता है।”

सारा जोखिम किसान उठाता है और उसके हिस्से सबसे कम आता है। मौसम से जो बचा, उसे कमीशन, तौल की धोखाधड़ी और देर से भुगतान खा जाते हैं।

चिंता

हर मंडी

बिचौलिये, कमीशन और तौल में धोखा

“कमीशन, हमाली, ‘काँटा’ — आख़िर तक आधा दाम तो वहीं चला जाता है।”

भूमिसेवा कवच

खेत से सीधी वापस खरीद

मूल्य वहीं रहता है जहाँ अन्न उगता है, बिचौलियों की कड़ी में बँट नहीं जाता।

भूमिआहार SPV

चिंता

पूरे भारत में

लागत से भी नीचे भाव गिर जाता है

“जितना उगाने में ख़र्च हुआ, भाव उससे भी नीचे गिर गया।”

भूमिसेवा कवच

पक्की वापस खरीद · मंडी +10%

चालू मंडी भाव से 10% ज़्यादा पर वापस खरीद — हर प्रोटोकॉल किसान के लिए न्यूनतम भाव की गारंटी।

भूमिआहार

चिंता

पूरे भारत में

हफ़्तों तक भुगतान अटका

“व्यापारी ने कहा ‘अगले हफ़्ते’। दो महीने हो गए।”

भूमिसेवा कवच

स्रोत पर ही हिसाब चुकता

कर्ज़ खेत पर ही अपने-आप कट जाता है; बची हुई शुद्ध रकम सीधे किसान के खाते में जाती है।

भूमिआहार · वित्त भागीदार

चिंता

पूरे भारत में

अच्छी या जैविक उपज का कोई ज़्यादा दाम नहीं

“मेरी उपज ज़्यादा साफ़ है। फिर भी दाम सबके बराबर।”

भूमिसेवा कवच

सूचकांकित उपज + प्रमाणित किसान

हर खेप के साथ उसका मृदा सूचकांक, रसायन सूचकांक और पोषण सूचकांक होता है — ऐसा भरोसा जिसे साबित किया जा सके, और बदले में गुणवत्ता व किसान प्रोत्साहन।

भूमिआहार · भूमिसेवा

चिंता

पूरे भारत में

साफ़ भोजन चाहने वाले शहरी परिवार से कोई जुड़ाव नहीं

“शहर वाले ‘जैविक’ के लिए खूब पैसा देते हैं। उसमें से एक पैसा भी मुझ तक नहीं पहुँचता।”

भूमिसेवा कवच

उपभोक्ता अग्रिम बुकिंग + उपज से उत्पाद

शहरी केमिस्ट बुवाई के महीने से ही परिवारों की अग्रिम बुकिंग करते हैं; SME प्रसंस्करण इकाइयाँ उपज से तैयार उत्पाद बनाती हैं; कैश्टर उसे परिवार की थाली तक पहुँचाता है।

AIOCD · SME चैंबर ऑफ़ इंडिया · कैश्टर

10

चरण 10 · 4 चिंताओं को कवच

मिट्टी और भविष्य

“क्या यह ज़मीन मेरे पोते-पोतियों का भी पेट भरेगी?”

सबसे गहरा डर धीमा और चुपचाप होता है — हर साल थोड़ा कम देने वाली मिट्टी, और अकेला जूझता किसान।

चिंता

पूरे भारत में

‘जैविक अपनाया तो पैदावार गिर जाएगी’

“एक बार जैविक करके देखा। पैदावार घट गई, कर्ज़ नहीं घटा।”

भूमिसेवा कवच

सुरक्षित जैविक बदलाव

3–4 साल का चरणबद्ध रास्ता — पहले मिट्टी को पढ़ें, झटका नहीं मिश्रण दें, सुरक्षित बदलाव करें। न अचानक झटका, न अंधा बदलाव।

श्री मंत्र प्रोटोकॉल

चिंता

सघन खेती वाले क्षेत्र

मिट्टी धीरे-धीरे मर रही है

“हर साल खाद ज़्यादा डालनी पड़ती है, और फसल कम होती है।”

भूमिसेवा कवच

मृदा सूचकांक, हर सीज़न दर्ज

जैविक कार्बन को हर सीज़न मापकर फिर से बढ़ाया जाता है — जब तक मिट्टी खुद 100% जैविक न हो जाए।

भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र प्रयोगशालाएँ · वरहाड

चिंता

पूरे भारत में

हर सीज़न शून्य से शुरू

“न कोई रिकॉर्ड, न कोई हिसाब। हर साल फिर से शून्य से शुरुआत।”

भूमिसेवा कवच

आपके खेत का जीवंत रिकॉर्ड

मृदा कार्ड, प्रोटोकॉल, पत्ती रिपोर्ट और वापस खरीद का इतिहास हर सीज़न आपके पास रहता है — आपकी प्रमाणित किसान पहचान।

भूमिसेवा

चिंता

छोटे और सीमांत किसान

अकेला, मोलभाव की कोई ताक़त नहीं

“एक छोटा किसान — मेरी कौन सुनता है?”

भूमिसेवा कवच

300 किसानों का क्लस्टर + स्थानीय भागीदार SPV

आप 300 किसानों के एक सुव्यवस्थित क्लस्टर में खेती करते हैं, जिसका अपना केंद्र है, और जिसके पीछे स्थानीय स्वामित्व वाली ज़िला और राज्य भागीदार कंपनियाँ खड़ी हैं।

भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र · ज़िला और राज्य भागीदार SPV

सिर्फ़ वादा नहीं: खेत में साबित

30→117

टन गन्ना

तीन साल में गन्ना 30 से 117 टन, 100% जैविक मिट्टी और 100% जैविक उपज के साथ, वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे द्वारा प्रमाणित। वही विज्ञान अब 400+ फ़सलों के लिए।

प्रमाण देखें
30% तकज़्यादा उपज
18–20%कम इनपुट लागत
मंडी +10%पक्की वापस खरीद
3–4 सालसुरक्षित जैविक बदलाव

सुरक्षा का एक ही घेरा

बारह कवच। केंद्र में एक किसान।

ज़्यादातर योजनाएँ एक समस्या सुलझाती हैं और बाकी को वैसे ही छोड़ देती हैं। हरित क्रांति 2.0 पूरा घेरा बनाती है: मिट्टी, बीज, पैसा, खेत, मौसम, परिवार, कटाई और बाज़ार — ताकि कोई भी चिंता बाहर न रहे।

क्षेत्र-दर-क्षेत्र

अलग मिट्टी, अलग डर। कवच वही।

भारत के हर क्षेत्र का अपना दर्द है। प्रोटोकॉल हर खेत के मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ढलता है, और सुरक्षा हर जगह एक जैसी रहती है।

पंजाब और हरियाणा

धान · गेहूँ

चिंताएँ

  • मिट्टी का कार्बन ख़त्म होता जा रहा
  • अंधाधुंध यूरिया-डीएपी
  • गिरता भूजल स्तर
  • बढ़ती लागत

कवच

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड
  • श्री संचय
  • मिट्टी पर आधारित प्रोटोकॉल
  • श्री धारा

विदर्भ और मराठवाडा

कपास · सोयाबीन · अरहर

चिंताएँ

  • बारानी खेती का जोखिम
  • गुलाबी सुंडी
  • साहूकार का कर्ज़
  • मजबूरी में बिक्री

कवच

  • जलवायु बीमा
  • प्रोटोकॉल वित्त
  • साप्ताहिक निगरानी
  • वापस खरीद +10%

गन्ना पट्टी: पश्चिमी महाराष्ट्र और कर्नाटक

गन्ना

चिंताएँ

  • ज़्यादा सिंचाई से मिट्टी में खारापन
  • सख्त, दबी हुई मिट्टी
  • पैदावार वहीं की वहीं अटकी

कवच

  • 30 → 117 टन प्रोटोकॉल
  • श्री संचय
  • श्री धारा

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदान

गेहूँ · धान · सब्ज़ियाँ

चिंताएँ

  • बहुत छोटी जोत
  • बिचौलिये
  • भंडारण नहीं
  • दूर की मंडियाँ

कवच

  • 300 किसानों का क्लस्टर
  • कैश्टर भंडारण
  • खेत पर ही वापस खरीद

राजस्थान और गुजरात

सरसों · मूँगफली · जीरा

चिंताएँ

  • खारा भूजल
  • सूखा और गर्मी
  • मिट्टी में कम जैविक पदार्थ

कवच

  • श्री धारा
  • जलवायु बीमा
  • Biochar++

दक्कन: तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक

मिर्च · कपास · मक्का

चिंताएँ

  • भाव में उतार-चढ़ाव
  • फॉल आर्मीवर्म (सैनिक कीट)
  • रसायनों का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल

कवच

  • मंडी +10% न्यूनतम भाव
  • पत्ती विश्लेषण
  • ड्रोन निगरानी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़

सोयाबीन · धान · चना

चिंताएँ

  • उपज में ठहराव
  • अनियमित मानसून
  • घटिया बीज

कवच

  • श्री योग
  • सीडसिंक
  • जलवायु बीमा

पूर्व और पूर्वोत्तर

धान · बागवानी

चिंताएँ

  • अम्लीय मिट्टी
  • कटाई के बाद का नुकसान
  • बाज़ार तक कमज़ोर पहुँच

कवच

  • मृदा कार्ड + सुधार
  • कैश्टर परिवहन
  • उपभोक्ता अग्रिम बुकिंग

अकेले, या समूह के साथ

वही किसान। वही एकड़। बिलकुल अलग सीज़न।

बीज और खाद-दवा

बस उम्मीद कि पैकेट असली हो

बीज उपचारित, खाद-दवा आपकी अपनी किट से जाँची हुई

सलाह

डीलर जो थमा दे वही

आपका मृदा स्वास्थ्य कार्ड तय करता है

पैसा

साहूकार और दुकान की उधारी

प्रोटोकॉल को सीधा वित्त, कर्ज़ अपने आप चुकता

खेत में

पूरे सीज़न अकेला

भूमिरक्षक और केंद्र, हर हफ़्ते

पोषण

“एहतियातन” छिड़काव

पत्ती विश्लेषण तय करता है खुराक

मौसम

बस भगवान से दुआ कि ओले न पड़ें

बुवाई से पहले फसल बीमा

परिवार

एक आफ़त आई और ज़मीन बेचने की नौबत

योजना में ही जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा

कटाई

उसी दिन, जो भाव मिले उसी पर बेचना

वापस खरीद तय, भंडारण तैयार

भाव

मंडी जो भाव कहे वही

मंडी +10%, पक्का

मिट्टी

हर साल थोड़ी और कमज़ोर

माप के साथ 100% जैविक की ओर सुधार

कवचधारी

भारत के भरोसेमंद नाम, एक कतार में किसान के पीछे खड़े।

श्री मंत्र प्रोटोकॉल (जड़, पत्ता, मिट्टी और पानी) वार्केम, ऑसन, वरहाड और ऑटोफिल देते हैं, और बाकी हर कवच के पीछे एक नामित भागीदार खड़ा है।

श्री मंत्र
प्रोटोकॉल
=
श्री सूत्र
जड़ · वार्केम
+
श्री योग
पत्ती · ऑसन
+
श्री संचय
मिट्टी · वरहाड
+
श्री धारा
पानी · ऑटोफिल

स्वस्थ मिट्टी · स्वस्थ किसान · स्वस्थ भोजन · स्वस्थ भारत

न बीज। न मिट्टी। न बिक्री। कुछ भी किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा गया।

पीढ़ियों से किसान हर जोखिम अकेले उठाता आया है। हरित क्रांति 2.0 उसके चारों ओर एक व्यवस्थित इकोसिस्टम खड़ा करती है: उसके खेत को जानने वाला केंद्र, उसकी मिट्टी के लिए बना प्रोटोकॉल, ऐसा वित्त जो उसे फँसा न सके, उसकी फसल और परिवार के लिए बीमा, और ऐसा खरीदार जिसने बुवाई से पहले ही खरीद का वादा कर दिया है।

जाँचा हुआमिट्टी, बीज और हर खाद-दवा — पैसा लगाने से पहले
मार्गदर्शन के साथभूमिरक्षक और केंद्र, पूरे सीज़न
सुरक्षितफसल, परिवार और आमदनी — सब सुरक्षित
ख़रीदा गयामंडी +10%, कटाई से पहले ही तय

पहला एकड़ प्रमाण बनता है।

आँकड़े सांकेतिक हैं और खेत, फसल तथा प्रोटोकॉल का कितनी बारीकी से पालन होता है, इसके अनुसार बदलते हैं। “अंतिम चरण में” चिह्नित सेवाएँ (प्रोटोकॉल वित्त, जीवन बीमा, इंस्टा-प्रेडिक्ट) भागीदारों के साथ अंतिम रूप ले रही हैं और शुरू होते ही उपलब्ध कराई जाएँगी। बीमा, बीमा देने वाले भागीदार की पॉलिसी शर्तों के अधीन है। अभी क्या उपलब्ध है, यह अपने नज़दीकी भूमिसेवा परिवर्तन केंद्र या भागीदार केमिस्ट से पूछें।