PREVIEW — internal stakeholder review only · not for public circulation

प्रभाव

मिट्टी को जिलाएँ। धरती को ठंडा करें।

मिट्टी कार्बन का वह सबसे बड़ा भंडार है जिसे हम कल से फिर भरना शुरू कर सकते हैं। अपने एकड़, परिवार और साल डालिए, और देखिए क्या बदलता है।

430.5मई 2025 में हवा में CO₂ (ppm)। उद्योगों से पहले यह 280 था।
9 में से 6धरती की सुरक्षित सीमाएँ पहले ही पार हो चुकीं।
29.7%भारत की ज़मीन खराब हो चुकी है।

अभी क्यों

हवा भर गई है। मिट्टी खाली हो गई है।

हवा में CO₂ बढ़ता जा रहा है और खेतों की मिट्टी से बहुत कार्बन घट गया है। दोनों को पलटा जा सकता है।

हवा में CO₂ (ppm)

मौना लोआ, 1960–2025। माउस फिराएँ या उँगली से दबाएँ।

तालिका देखें

स्रोत: NOAA ग्लोबल मॉनिटरिंग लेबोरेटरी और स्क्रिप्स, मौना लोआ। सालाना औसत, मोटे तौर पर; 2025 यानी मई का उच्चतम स्तर। उद्योगों से पहले: लगभग 280 ppm।

+1.44°C2025 में 1850–1900 से ज़्यादा (WMO)
2015–25रिकॉर्ड के सबसे गर्म 11 साल (WMO)
9 में से 6धरती की सीमाएँ पार (स्टॉकहोम रेज़िलिएंस सेंटर, 2023)
8–10%दुनिया की ग्रीनहाउस गैसें बर्बाद हुए भोजन से (UNEP)

फ़िल्में और आँकड़े

फ़िल्में प्रेरणा देती हैं। हम गिनते हैं।

तीन फ़िल्मों ने करोड़ों लोगों को झकझोरा। हर एक ने क्या दिखाया, और हम उस पर कौन-सा आँकड़ा रखते हैं, देखिए।

2020

Kiss the Ground

स्वस्थ मिट्टी हवा से कार्बन खींचकर थाम सकती है।

हम क्या गिनते हैंअपेक्षित स्थिति में प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष 0.3 टन कार्बन (0.15 से 0.5)।

2021

Breaking Boundaries

धरती की सुरक्षित सीमाएँ पार हो रही हैं, और ज़मीन व भोजन उसके केंद्र में हैं।

हम क्या गिनते हैंखेती पाँच सीमाओं पर असर डालती है: जलवायु, ज़मीन, मीठा पानी, नाइट्रोजन और प्रकृति।

2018

The Biggest Little Farm

थका हुआ खेत विविधता, धैर्य और देखभाल से फिर जी उठा।

हमारे श्री अन्नसेवा खेत में20+ फसलों का हेर-फेर, ज़्यादा छिड़काव की जगह फूल, ड्रिप और मल्च।

फ़िल्में कहानियाँ सुनाती हैं। हमारे आँकड़े मान्यताओं पर टिके हैं, जिन्हें आप नीचे के कैलकुलेटर में बदल सकते हैं।

इसे कैसे पलटें

जोड़ना बंद करें। नीचे खींचें। नीचे ही रखें।

1

जोड़ना बंद करें

रासायनिक नाइट्रोजन कम। खाने की बर्बादी कम। खाने का सफ़र कम।

2

नीचे खींचें

मज़बूत पत्ते और जीवित जड़ें मिट्टी को खुराक देते हैं। सूक्ष्मजीव कार्बन को मिट्टी में थाम लेते हैं।

3

नीचे ही रखें

हर मौसम मिट्टी की जाँच करें। मल्च करें, फसल-चक्र बदलें। तरीका चलता रहे, तभी कार्बन टिकता है।

जड़

श्री सूत्र

70+ प्रमाणित बायो-इनपुट (NOP, NPOP, EU, JAS) रासायनिक नाइट्रोजन की जगह लेते हैं।

पत्ता

श्री योग

मज़बूत पत्ता ज़्यादा CO₂ लेता है और ज़्यादा बायोमास बनाता है।

मिट्टी

श्री संचय

मिट्टी के जीवों को खुराक देता है। कार्बन अंदर जाता है और टिकता है।

पानी

श्री धारा

उपचारित पानी। जड़ें ज़्यादा सोखती हैं और कम पानी लगता है।

सच कहें तो कोई अकेला प्रोटोकॉल तापमान-वृद्धि को नहीं पलट सकता। पहले जीवाश्म ईंधन घटाना होगा। स्वस्थ मिट्टी वह काम है जो किसान इसी मौसम से शुरू कर सकते हैं, और उसे ईमानदारी से गिनना ज़रूरी है। कैलकुलेटर यही करता है।

प्रभाव कैलकुलेटर

अपने एकड़ डालिए। देखिए धरती क्या जवाब देती है।

कुछ भी बदलिए। सारे आँकड़े तुरंत बदलते हैं।

कितना साहसी?

श्री अन्नसेवा खेत का एक एकड़ 50 परिवारों को खिलाता है।

मुख्य फसल का प्रकार
मान्यताएँ बदलें

हवा से कम हुआ CO₂0टन प्रति वर्ष
स्थानीय अर्थव्यवस्था में जुड़ा0प्रति वर्ष
नए रोज़गार0पूर्णकालिक
बचा पानी0घन मीटर प्रति वर्ष

भारत के खेती उत्सर्जन का कितना हिस्सा भरता है

0%भारत के कृषि उत्सर्जन (406 Mt CO₂e) का
0भारत के कुल उत्सर्जन का
010 वर्षों में हवा से घटा ppm
0टन CO₂ प्रति एकड़ प्रति वर्ष

लॉग पैमाना। 100% यानी भारत का पूरा खेती उत्सर्जन।

हर साल का CO₂, स्रोत के अनुसार

आपके चुने साल के बाद के साल फीके दिखते हैं।

10 वर्षों में: 0 टन CO₂ कम हुआ।

पत्ते नई बढ़त में साल भर में लगभग 0 टन CO₂ मोड़ते हैं। यह कुल प्रवाह है, इसलिए ऊपर के आँकड़े में नहीं जोड़ा।

तालिका देखें

पैसा कहाँ से आता है

वर्ष 10, प्रति वर्ष

ऊपरी मिट्टी में कार्बन

स्वस्थ मिट्टी का लक्ष्य 0.75%। ज़्यादातर भारतीय मिट्टी में 0.5% से कम निकलता है।

भोजन
  • खिलाए गए परिवार0
  • बर्बादी से बचा भोजन (किलो)0
  • बची खाद्य ढुलाई (टन-किमी)0
पानी और खाद
  • बचा पानी (घन मीटर)0
  • बची पंप बिजली (kWh)0
  • बचा रासायनिक नाइट्रोजन (किलो)0
रोज़गार

अब बड़े पैमाने पर देखिए

किसी सीढ़ी पर क्लिक करें। कैलकुलेटर वहीं पहुँच जाता है।

ये मॉडल के नतीजे हैं, नापी हुई संख्याएँ नहीं। हर आँकड़ा स्रोत वाले आँकड़ों और बताई गई मान्यताओं पर बना है। नीचे “हम कैसे गिनते हैं” देखें।

लहर का असर

एक एकड़। पाँच लहरें।

एक परत चुनिए। आँकड़े आपके कैलकुलेटर के हिसाब से बदलते हैं।

सुरक्षित रास्ता

सुरक्षित जैविक बदलाव। असली बनाने वाला पुल।

कोई किसान फसल को दाँव पर न लगाए, इसलिए हम ऐसा कहते ही नहीं। तीन साल, एक-एक कदम, पहले मिट्टी की जाँच।

तीन साल आगे बढ़ाइए

रासायनिकबायो-इनपुट
0रासायनिक हिस्सा
0बायो-इनपुट हिस्सा
0मिट्टी में कार्बन (अपेक्षित)

उदाहरण के लिए रास्ता। आपकी असली योजना मिट्टी परीक्षण से तय होती है।

पाँच सुरक्षा कवच

  • शुरुआती रिकॉर्ड: कुछ भी बदलने से पहले मिट्टी परीक्षण
  • चरणबद्ध कमी: कभी अचानक बंद नहीं
  • मिट्टी के जीवों का पुनर्निर्माण: ताकि मिट्टी फसल को पोषण दे सके
  • निगरानी: पूरे मौसम मिट्टी, पत्ते और फसल की जाँच
  • पहले बाज़ार: बुवाई से पहले ही वापस खरीद तय

जलवायु के लिए यह क्यों मायने रखता है

तरीका चलता रहे, तभी कार्बन मिट्टी में टिकता है। सुरक्षित महसूस करने पर किसान आगे बढ़ता रहता है। सुरक्षित बदलाव ही कार्बन को टिकाऊ बनाता है।

सुरक्षित जैविक बदलाव देखें

मिलिंद देशपांडे
मिलिंद देशपांडेCEO, भूमिसेवा · संस्थापक, हरित क्रांति 2.0

हमारे CEO की ओर से

हम इसे पलटने वाली पीढ़ी बन सकते हैं।

मैं जिस भी किसान से मिलता हूँ, उसे परिवार को खिलाने वाला खेत और बच्चों के लिए भविष्य चाहिए। मैं जिस भी माता-पिता से मिलता हूँ, उसे भरोसे का खाना चाहिए। ये दो इच्छाएँ नहीं हैं। ये एक ही हैं, और इसकी शुरुआत मिट्टी से होती है।

इस पन्ने के आँकड़े ईमानदार हैं, और जान-बूझकर संभलकर रखे गए हैं। कोई एक कंपनी धरती को ठंडा नहीं कर सकती। पर करोड़ों एकड़, एक-एक मौसम में ठीक होते हुए, ज़रूर फ़र्क़ डालेंगे। आपका एकड़ मायने रखता है। आपके परिवार की थाली मायने रखती है। आपकी आवाज़ मायने रखती है।

आइए अपने बच्चों के लिए जीवित मिट्टी और साँस लेने लायक हवा छोड़कर जाएँ।

आप किसान हैं तो मिट्टी परीक्षण से शुरुआत करें। आप खाना खाने वाले हैं तो भरोसे के खेत से खाना बुक करें। आप किसी कंपनी, बैंक, स्कूल या गाँव के मुखिया हैं तो एक एकड़, एक केंद्र या एक ज़िला अपनाइए। इसी मौसम से शुरू कीजिए, और एक व्यक्ति को बताइए।

मिलिंद देशपांडेCEO, भूमिसेवा · संस्थापक, हरित क्रांति 2.0

हम कैसे गिनते हैं

ईमानदार आँकड़े, खुली मान्यताएँ।

स्रोत वाले तथ्य
  • मौना लोआ पर CO₂: NOAA ग्लोबल मॉनिटरिंग लेबोरेटरी और स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ़ ओशनोग्राफ़ी (मई 2025 उच्चतम स्तर, 430.5 ppm, NOAA)।
  • तापमान और सबसे गर्म साल: WMO State of the Global Climate।
  • धरती की सीमाएँ: Richardson व अन्य, Science Advances, 2023 (स्टॉकहोम रेज़िलिएंस सेंटर)।
  • भारत का उत्सर्जन: UNFCCC को दी गई चौथी द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट। भूमि उपयोग छोड़कर कुल 2,959 Mt CO₂e; कृषि 406 Mt।
  • भूमि क्षरण: ISRO मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण एटलस, 2018–19।
  • खाद्य बर्बादी: UNEP Food Waste Index 2024; ICAR-CIPHET कटाई-पश्चात नुकसान अध्ययन।
  • मिट्टी में कार्बन: Project Drawdown (बेहतर वार्षिक खेती के लिए लगभग 1.8 टन CO₂e प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष) और 147 अध्ययनों की भारतीय समीक्षा पर आधारित।
  • बिजली उत्सर्जन: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, 2023-24 (0.727 किलो CO₂ प्रति kWh)।
  • खाद: प्रति किलो नाइट्रोजन लगभग 8 किलो CO₂e, भारतीय जीवन-चक्र अध्ययन से निकाला हुआ।
  • स्वस्थ मिट्टी का 0.75% जैविक कार्बन लक्ष्य: मृदा स्वास्थ्य कार्ड मार्गदर्शन।
हमारी मान्यताएँ (सब बदली जा सकती हैं)

हर फसल प्रकार के लिए प्रति एकड़ आमदनी, पानी का उपयोग, नाइट्रोजन का उपयोग और बायोमास। उपज बढ़त, ज़्यादा दाम, बची खाद्य बर्बादी, बचा प्रसंस्करण नुकसान। खाना 60 रुपये किलो, खाने का सफ़र 400 किमी बनाम 60 किमी, बिजली 6 रुपये प्रति kWh, हर केंद्र पर 6 रोज़गार, हर रोज़गार 1.5 लाख रुपये। ये मॉडल की मान्यताएँ हैं, नापे हुए नतीजे नहीं। “मान्यताएँ बदलें” में इनमें से कुछ भी बदलिए।

यह क्या नहीं है

यह अनुमान नहीं है और कार्बन-क्रेडिट का दावा भी नहीं। तरीका रुक जाए तो मिट्टी का कार्बन वापस जा सकता है। पत्तों का CO₂ कुल प्रवाह है, इसे शुद्ध आँकड़े में नहीं गिना गया। खाद की बचत अर्थव्यवस्था के आँकड़े में नहीं जोड़ी गई। करोड़ों एकड़ की सीढ़ियाँ संभावना दिखाती हैं, वादा नहीं। नतीजे फसल, मिट्टी, मौसम, प्रोटोकॉल के अनुशासन और निगरानी पर निर्भर करते हैं।

भूमिसाथी, भूमिसेवा का डिजिटल सहायक

आपका एकड़। आपकी थाली। आपकी आवाज़।

व्हॉट्सऐप पर भूमिसाथी से पूछें, या अपना नज़दीकी केंद्र खोजें। शुरुआत पहले मिट्टी परीक्षण से होती है।